आछिम हुद पराती तामाच्यौ है चाउ यम
सदाभर लिज्या जे खाच्यो है चाउ यम
मस्तराई गे पाङ मेदुकेर आझ्यो आछिम
इतिहास गेमी रैद राच्यो है चाउ यम
दुखी गेले ओमेसिउ मस्त भाषा, सस्कार
गेलाए पैन्य जे मास्तर ताच्यो है चाउ यम
हरपल नइँ योन गे जासिउव गेले जेलाए
इतिहास बचैन्य जे ङाद बाच्यो है चाउ यम
(कालिका ४, दैलेख)
नेपाल मगर लेखक संघ, जिल्ला समिति रोल्पाको प्रकाशन चाउ यमबाट साभार ।
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(मगरात डट कममा प्रकाशनार्थ आफ्ना मूल्यवान सिर्जना हामीलाई पठाउनुहोला ।)


















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